
How to Look Confident in an Interview?- 10 Easy Tips to Follow
अक्सर लोग समझते हैं कि interview में सीधे तन कर बैठना या आंखों में आंखें डालकर बात करना ही confidence है। लेकिन ये सच नहीं है। confidence कोई ऐसी skill नहीं है जिसे आप रातों-रात सीख लें या जिसकी एक्टिंग कर लें ; यह एक एहसास (Feeling) है। इसका अहसास तब पैदा होता है जब आप अपनी तैयारी के हर छोटे-बड़े बिंदु पर खरे उतरते हैं। जब कोई person इंटरव्यू के दौरान confident दिखाई देता है, तो सामने बैठा interviewer यह समझ जाता है कि वह जिस person का interview का रहा है वह व्यक्ति न सिर्फ काम कर पाएगा, बल्कि pressure की स्थिति में भी खुद को संभाल लेगा।
याद रखिये आपका confidence न केवल job interview में या जॉब हासिल करने में बल्कि promotion लेने में भी आपका सबसे बड़ा सहायक होता है अगर आप इंटरव्यू में नेचुरल और दमदार दिखना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए मुख्य points पर काम करना होगा:
Language & Communication (भाषा और संवाद)
इंटरव्यू एक professional माहौल होता है, और हर प्रोफेशनल माहौल की अपनी एक भाषा होती है। जिस वातावरण में आप काम करने जा रहे हैं, वहां की भाषा पर आपकी पकड़ होना बहुत जरूरी है। आज के समय में English वर्कप्लेस का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसका मतलब यह नहीं कि आपकी English बहुत भारी-भरकम हो, लेकिन आपकी English इतनी अच्छी तो होनी ही चाहिए जितनी आपके वर्कप्लेस में बातचीत के लिए आवश्यक है। पर अगर यह उससे भी बेहतर है तो ये सोने पे सुहागा वाली बात होगी।

यह जरूरी है कि आप अपनी बात साफ, सरल और आत्मविश्वास के साथ रख सकें। इसके साथ-साथ अपनी रीजनल भाषा को सही मौके पर सही तरीके से इस्तेमाल करना भी आना चाहिए। कम्युनिकेशन का असली नियम यह है कि आप सामने वाले की बात पूरी ध्यान से सुनें और फिर सोच-समझकर जवाब दें। जब आप बार-बार ऐसा करते हैं, तो सामने वाला खुद महसूस करता है कि आप एक समझदार और संतुलित व्यक्ति हैं। जहाँ ज़रूरी हो, इन बातों का ध्यान रखें:
- बीच में बोलने से बचें
- जवाब छोटा लेकिन स्पष्ट रखें
- शब्दों से ज़्यादा टोन पर ध्यान दें
- एक ही बात को बार बार न बोलें
- अपनी बात को प्रूफ के साथ बोलें
Skills (काम करने की क्षमता)

एक व्यक्ति का Confidence तब तक नहीं टिकता जब तक है, उसके पीछे मजबूत skillsets की backing न हो। अगर आपने अपने resume में कुछ ऐसी skills लिख दी हैं, जिन पर आपकी पकड़ नहीं है, तो interview में यह बहुत जल्दी सामने आ जाता है। जिस व्यक्ति को सच में काम आता है, उसे अलग से कुछ साबित करने की जरूरत नहीं होती। उसकी बातों, उसके जवाबों और उसके हाव-भाव से यह साफ दिखता है कि वह जिम्मेदारी संभाल सकता है। यहाँ यह समझना जरूरी है कि स्किल्स की संख्या से ज्यादा जरूरी है उनकी अच्छी नॉलेज । भले ही आपकी स्किल्स कम हों, लेकिन उन पर आपकी मजबूत पकड़ हो, तो वही आपको confident बनाती हैं।
Dressing Sense (ड्रेसिंग)
आपकी dressing न केवल आपको कॉन्फिडेंस देती है, बल्कि उसे बाहर दिखाने में मदद करती है। जब आप सही फिटिंग के, साफ-सुथरे और प्रोफेशनल कपड़े पहनते हैं, तो आप खुद को ज्यादा सहज महसूस करते हैं। यह सहजता ही आपकी बॉडी लैंग्वेज को बेहतर बनाती है। आपके कपडे न ज्यादा टाइट और न oversize होने चाहिए। ड्रेसिंग को लेकर ध्यान रखने वाली कुछ बातें जो आपको फॉलो करनी चाहिए:

- कपड़े अच्छी तरह ironed हों
- जूते साफ और polished हों
- हेयरकट सलीके का हो
- हल्का (Mild) perfume लगाएं
- आपके undershirt और underpants और socks साफ़ या नये ही हों
Documentation (डॉक्यूमेंटेशन)

Interview के दौरान documents की कमी या गड़बड़ी आपके कॉन्फिडेंस को गिरा सकती है। अगर आपके सभी documents पहले से ही अच्छे से तैयार हैं, तो आप अंदर से काफी relaxed रहते हैं। इसलिए interview के लिए निकलने से पहले एक बार आपको अपनी डाक्यूमेंट्स फाइल को अच्छे से चेक कर लेनी चाहिए। यह छोटी-सी आदत आपको मानसिक रूप से मजबूत और confident बना देती है।
Experience (अनुभव)

चाहे वह काम का अनुभव (experience) हो या interview देने का, अनुभव हमेशा आपको confidence देता है। शुरुआत में हर व्यक्ति थोड़ा नर्वस होता है, लेकिन जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है, आपका confidence खुद ब खुद बढ़ जाता है।
यह एक ऐसी process है जो समय के साथ आपको बेहतर करती जाती है।।
Patience (धैर्य)

ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं जिनकी नॉलेज काफी अच्छी होती है, लेकिन patience (धैर्य) की कमी उनके कॉन्फिडेंस को कमजोर देती है। उन्हें लगता है कि मौका उनके हाथ से चला न जाये, इसलिए वे किसी भी बात को लेकर ज्यादा explanation देने लगते हैं ;और गैरजरूरी चीजें बोल देते हैं, जिससे सामने वाले के दिमाग में आपकी छवि negative होने लगती है। धैर्य का मतलब चुप रहना नहीं, बल्कि सही समय पर सही प्रतिक्रिया देना है। जब आप सामने वाले की बात पूरी सुनते हैं, और अपनी बारी का इंतजार करते हैं और अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करके उस पर टिके रहते हैं, तो इससे आपकी परिपक्वता दिखती है।
No Expectation (बिना उम्मीद के काम करना)

जब आप हर काम के बदले सिर्फ रिजल्ट की उम्मीद करने लगते हैं, तो ऐसे में आप कभी भी confident नहीं रह पाते हैं। इंटरव्यू में कई बार ऐसा होता है कि आपने सब सही किया होता है, फिर भी रिजल्ट आपके पक्ष में नहीं आता हैं। ये बेहद आम बात है और जॉब पाने की प्रक्रिया का एक अटूट हिस्सा है इससे कोई भी नहीं बच सकता। इस सच्चाई को स्वीकार करना सीखना ही मानसिक मजबूती है। जब आप पूरी तैयारी करके बिना ज्यादा उम्मीद लगाए इंटरव्यू देते हैं, तो आप ज्यादा शांत और संतुलित दिखते हैं।
Constant Learning (लगातार सीखते रहना)

जो व्यक्ति सीखना छोड़ देता है, उसका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। आज की दुनिया में बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है, तो ऐसे में जो व्यक्ति खुद को update रखता है, वही आगे बढ़ता है। नई स्किल्स सीखना सिर्फ आपकी वैल्यू नहीं बढ़ाता, बल्कि यह आपको अंदर से यह भरोसा भी देता है कि आप आने वाली चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। उदाहरण के लिए जहाँ एक तरफ AI के आने से काम आसान और fast हो गया है, वहीं AI के आने से वो लोग लगभग बेरोजगार हो गए या या होने के कगार पर हैं ; जिन्होंने इस नई Skill को नहीं सीखा है।
Pre-Preparation (पूर्व तैयारी)
अच्छा प्रदर्शन हमेशा अच्छी तैयारी से आता है। जब आप इंटरव्यू से पहले कंपनी, जॉब रोल और अपनी जिम्मेदारियों को समझ लेते हैं, तो आप सवालों से डरते नहीं हैं। अच्छी तैयारी आपको एक प्लान देती है और उस प्लान को सफल करने का confidence देती है।
Punctuality & Regularity (समय की पाबंदी और नियमितता)

समय पर पहुंचना और अपने काम में नियमित रहना ऐसी आदतें हैं जो आपके confidence को मजबूत बनाती हैं। जब आप जानते हैं कि आप जिम्मेदार और सक्षम हैं, तो यही भरोसा आपकी बॉडी लैंग्वेज में अपने आप दिखने लगता है।
कुछ छोटी-छोटी आदतें जो आपको और बेहतर कर सकती हैं। जैसे:
- समय से पहले पहुंचना
- काम को टालने की आदत न रखना
- रोज़मर्रा की जिम्मेदारियों में निरंतरता रखना
निष्कर्ष
इंटरव्यू में कॉन्फिडेंस दिखाना कोई अलग से किया जाने वाला काम नहीं है। यह आपकी सोच, तैयारी, आदतों और अनुभव का स्वाभाविक परिणाम होता है। जब आप इन सभी पहलुओं पर धीरे-धीरे काम करते हैं, तो एक समय ऐसा आता है जब आप कॉन्फिडेंट दिखने की कोशिश नहीं करते — बल्कि आप वाकई confident बन जाते हैं। और यही कॉन्फिडेंस आपके जीवन में उन्नति का कारण बनता है।