Full Personality Development सिर्फ 10 स्टेप्स में

Personality Development

लोग Personality Development को लेकर खूब बड़ी बड़ी बातें करते हैं पर क्या वे खुद इसे ठीक से समझते भी हैं ? किसी फिल्म, राजनीति या खेल जगत के किसी सेलिब्रिटी को देखिए—वे आपको लगभग हमेशा परफेक्ट नज़र आते हैं। उनका ड्रेसिंग सेंस, बात करने का तरीका, लोगों से व्यवहार करने की शैली, चलने-उठने-बैठने का ढंग या फिर किसी की ओर देखने का तरीका—हर चीज़ में एक अलग ही प्रभाव और क्लास दिखाई देती है। यही क्लास लोगों को आकर्षित करती है और लोग अनजाने में ही उनकी तरह दिखने, बोलने या व्यवहार करने का प्रयास करने लगते हैं। यही पर्सनालिटी का प्रभाव कहलाता है।


अक्सर हमारे मन में यह सवाल आता है कि क्या सफल लोग ऐसे ही होते हैं, या फिर सफलता पाने के बाद लोग खुद को इस तरह प्रस्तुत करना सीख जाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि हर सफलता कैमरे और मीडिया के सामने नहीं होती। अगर आप ध्यान से देखें, तो अपने आसपास भी आपको ऐसे कई सफल और प्रभावशाली लोग मिल जाएंगे, जिनमें वही खूबियाँ मौजूद होती हैं जो बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज में दिखाई देती हैं—बस फर्क इतना है कि उन पर कैमरा नहीं होता।

आखिर Personality Development होता क्या है?

चलिए इसे सरल उदाहरण से समझते हैं।
जिस तरह एक बच्चा घर के माहौल से निकलकर जब पहली बार स्कूल में कदम रखता है, तो उसके मन में कई तरह के अनुभव होते हैं—घबराहट, झिझक, ऊब या शंका। यह सब बिल्कुल स्वाभाविक है, क्योंकि उसने इससे पहले ऐसा माहौल कभी देखा ही नहीं होता। घर में रहने के दौरान न कोई ड्रेस कोड होता है, न अनुशासन के कड़े नियम और न ही किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा। लेकिन जैसे ही वह स्कूल में प्रवेश करता है, उसे एक नई व्यवस्था का हिस्सा बनना पड़ता है।

अब उसे स्कूल का ड्रेसिंग कोड अपनाना होता है, समय पर पहुँचना होता है, होमवर्क और क्लासवर्क करना होता है तथा पूरे अनुशासन नियमों का पालन करना पड़ता है। यह सब इसलिए नहीं होता कि बच्चे पर दबाव डाला जाए, बल्कि इसलिए कि वह उस व्यवस्था के साथ सामंजस्य बिठा सके, जिसका अब वह हिस्सा बन चुका है।

जब कोई छात्र स्कूल से कॉलेज जाता है या कॉलेज से निकलकर नौकरी में प्रवेश करता है, तो हर बार उसके सामने एक नया माहौल, नई चुनौतियाँ और नए नियम होते हैं। वास्तव में ये नियम व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उस व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए होते हैं, जिसमें जुड़कर अब उसे सहयोग देना होता है।


एक छात्र को छात्र के अनुरूप पहनावा और व्यवहार रखना चाहिए, एक अध्यापक को मर्यादित वस्त्र और संयमित आचरण शोभा देता है। एक पुलिस अधिकारी अपनी वेशभूषा और अनुशासन से पहचाना जाता है, एक सैनिक अपनी ड्यूटी और वर्दी से, एक डॉक्टर अपने व्यवहार और पेशेवर आचरण से जाना जाता है। उसी तरह एक अभिनेता अपने अभिनय और प्रस्तुति के लिए, एक राजनेता अपने प्रतिनिधित्व के लिए और एक संन्यासी अपने गेरुआ वस्त्रों तथा सांसारिक दूरी के लिए जाना जाता है।

सरल शब्दों में समझें तो—
आपकी जो भूमिका है, आपकी जो पहचान है, उसी के अनुरूप आपका पहनावा, व्यवहार और आचरण होना ही Personality Development कहलाता है।

Personality Development की आवश्यकता क्यों है?

Personality Development की आवश्यकता वास्तव में हर व्यक्ति को होती है, भले ही सभी लोग इसे समझें या स्वीकार करें—यह ज़रूरी नहीं। आप जिस भी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उस क्षेत्र में खुद को सहज रखने, आगे बढ़ने, सम्मान प्राप्त करने और अपनी विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए Personality Development अत्यंत आवश्यक है।


एक सशक्त पर्सनालिटी व्यक्ति को आत्मविश्वास देती है, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाती है और समाज में उसकी एक सकारात्मक छवि बनाती है। केवल ज्ञान या योग्यता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उन्हें प्रस्तुत करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि Personality Development व्यक्ति को भीड़ से अलग पहचान दिलाती है।

Personality Development के महत्वपूर्ण बिंदु:

1.पहनावा

अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार साफ-सुथरे और अच्छे से प्रेस किए हुए कपड़े पहनें। ध्यान रखें कि कपड़े कहीं से फटे या मैले न हों। साथ ही, जूते भी कपड़ों से मेल खाते हुए और साफ होने चाहिए।

2.हेयर स्टाइल

आपका हेयर स्टाइल सरल और स्थिर होना चाहिए। बार-बार हेयर स्टाइल बदलना आपकी गंभीरता को कम करता है। प्रयास करें कि आपका लुक हमेशा एक जैसा और संतुलित रहे।

3.संयमित व्यवहार

अपने व्यवहार को संतुलित रखें। अनावश्यक चंचलता से बचें—जैसे बार-बार उठना, बैठना, इधर-उधर देखना या अचानक प्रतिक्रिया देना। आँखों और गर्दन को अधिक से अधिक स्थिर रखने का अभ्यास करें।

4.अपने क्षेत्र की अच्छी जानकारी

शब्दों से अधिक काम बोलता है। यदि आपको अपने कार्यक्षेत्र की अच्छी समझ है, तो आपका काम ही आपकी पहचान बन जाता है। स्वयं को लगातार बेहतर बनाते रहें, समय आने पर लोग इसे अवश्य पहचानेंगे।

5.भाषा पर अच्छा नियंत्रण

आपकी भाषा सरल, स्पष्ट और सम्मानजनक होनी चाहिए। अच्छे शब्दों, उदाहरणों और उपयुक्त अलंकारों का प्रयोग करें, लेकिन विषय से न भटकें। विषय से भटकना आपकी गंभीरता को कम करता है।

6.सत्य भाषण

सच बोलने की आदत डालें। झूठ बोलने वाले व्यक्ति पर कोई विश्वास नहीं करता, चाहे वह कितनी भी अच्छी बातें क्यों न करे। सत्यनिष्ठा आपकी पर्सनालिटी को मजबूत बनाती है।

7.दूसरों को सुनने की कला

जब कोई आपसे बात कर रहा हो, तो उसकी बात पूरी ध्यान से सुनें। बीच में बोलना या बात काटना नकारात्मक प्रभाव डालता है। अपनी बारी आने पर ही अपनी बात रखें।

8.परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना

कई बार परिस्थितियाँ हमारी अपेक्षाओं से अलग होती हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत करने के बजाय खुद को संभालना और परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना ही समझदारी है।

9.शिकायत न करना

शिकायत करना कमजोरी का संकेत है। जिम्मेदार व्यक्ति परिस्थितियों को समझता है और समाधान खोजता है, न कि केवल दोष ढूँढता है।

10.चुगली से दूरी

चुगली करना या चुगली सुनना आत्मविश्वास को कमजोर करता है। यदि आप स्वयं को आत्मविश्वासी और प्रभावशाली बनाना चाहते हैं, तो इस आदत से दूर रहें।

देखिये ये सब चीजें पढ़ना और सुनना आपके लिए नया नहीं होगा; और सिर्फ ऐसा करने से कुछ बदलाव आपके अंदर नहीं आने वाला है। अगर आप सचमुच अपने अंदर बदलाव लाना चाहते हैं तो लेख में बताई गई बातों को जीवन में धारण कीजिये और रोज उनका अभ्यास कीजिये। और फिर लोग खुद ही आपके इस सकारात्मक बदलाव की प्रशंशा करने लगेंगे और आपके जीवन में उन्नति के नए अवसर उदय होने लगेंगे।

1 thought on “Full Personality Development सिर्फ 10 स्टेप्स में”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Scroll to Top