
Sundar Pichai आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली technology leaders में गिने जाते हैं। वे Google और Alphabet के CEO हैं, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ़ एक top executive तक सीमित नहीं है। उनकी कहानी मेहनत, deep technical understanding, long-term vision और extraordinary humility की मिसाल है, जिसने उन्हें global tech world में अलग पहचान दिलाई।
जब हम भारत जैसे देश की बात करते हैं, जहाँ ज़्यादातर लोग पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छी और सुरक्षित नौकरी की तलाश में रहते हैं। ऐसे माहौल में अगर किसी भारतीय छात्र की नौकरी Google के CEO के रूप में हो, तो वह IIT, IIM और दूसरे top institutions में पढ़ रहे लाखों छात्रों के लिए एक असाधारण प्रेरणा बन जाता है।

Sundar Pichai अपनी सफलता से यह साबित करते हैं कि अच्छी पढ़ाई और एक job career के ज़रिये भी ज़िंदगी को पूरी तरह से set किया जा सकता है। Job की दुनिया में इसे ही असली कामयाबी कहा जाता है। Google आज अपने आप में ही इंटरनेट का दूसरा नाम बन चुका है, और ऐसी tech giant कंपनी का CEO बनना अपने आप में ही बहुत बड़ी उपलब्धि है।
Sundar Pichai का शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
Sundar Pichai का जन्म तमिलनाडु के मदुरै (Madurai) शहर में हुआ था और उनका बचपन चेन्नई में बीता। उनका परिवार एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार था। उनके पिता ब्रिटिश कंपनी GEC में बिजली विभाग से जुड़े इंजीनियर थे। घर में सुविधाएँ सीमित थीं, लेकिन संस्कार और शिक्षा को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता था। बचपन से ही Sundar Pichai ने सादगी में रहना, अनुशासन का पालन करना और पढ़ाई को जीवन का आधार बनाना सीखा। यही मूल्य आगे चलकर उनकी सोच, उनके काम करने के तरीके और उनके नेतृत्व की पहचान बने।

Sundar Pichai की शिक्षा
Sundar Pichai ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के Jawahar Vidyalaya, अशोक नगर से की। इसके बाद उन्होंने IIT मद्रास परिसर स्थित वाना वाणी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान वे शुरू से ही मेधावी छात्र रहे, विशेष रूप से गणित और विज्ञान में उनकी पकड़ बहुत मजबूत थी।
आगे चलकर उन्होंने IIT खड़गपुर से Metallurgical Engineering में बी.टेक किया। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह अमेरिका गए, जहाँ उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से M.S. और फिर पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से MBA की पढ़ाई पूरी की।
Sundar Pichai की Technical Skills और सोच
हालाँकि Sundar Pichai hardcore coder के रूप में मशहूर नहीं हैं, लेकिन उनकी तकनीकी समझ और उत्पादों को देखने की दूरदर्शी सोच उन्हें एक सच्चा तकनीकी मार्गदर्शक बनाती है। वे जटिल तकनीकी प्रणालियों और सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर के आपसी तालमेल को अच्छी तरह समझते हैं और साथ ही आम उपयोगकर्ताओं के लिए आसान और बड़े स्तर पर काम करने वाले products बनाने की क्षमता रखते हैं। Chrome, Google Toolbar और Google Apps जैसी innovations उनकी वैश्विक उत्पाद सोच औररणनीतिक दृष्टि को दिखाती हैं। यहीसंतुलन उन्हें Google और Alphabet के शीर्ष नेतृत्व तक ले गया।

Sundar Pichai का शुरुआती संघर्ष
Sundar Pichai का बचपन चेन्नई में एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में बीता। एक छोटे से अपार्टमेंट में सीमित सुविधाओं के साथ रहते हुए Pichai ने बचपन से ही सादगी में रहना, अनुशासन अपनाना और मेहनत का महत्व समझा। IIT खड़गपुर में पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता के सहारे अपनी शिक्षा पूरी की और कठिन परिश्रम से खुद को साबित किया।
आगे चलकर जब वे Stanford और Wharton जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने अमेरिका पहुँचे, तो उन्हें नई संस्कृति और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती दिनों में उन्होंने छोटी-छोटी नौकरियों और इंटर्नशिप के माध्यम से experience और confidence अर्जित किया। ये संघर्ष उन्हें आगे चलकर Google में अपनी पहली leadership role और अंततः CEO बननेमें मददगार साबित हुए।।
पहली नौकरी और Career की शुरुआत:
Sundar Pichai ने IIT खड़गपुर से B.Tech in Metallurgical Engineering पूरी करने के बाद अपने career की शुरुआत अमेरिका में Applied Materials कंपनी से की। यहाँ उन्होंने product management और engineering के क्षेत्र में काम किया। इसके बाद उन्होंने McKinsey & Company में कुछ समय तक काम किया, जहाँ उनकी रणनीतिक सोच और व्यावसायिक समझ और अधिक मजबूत हुई।
Sundar Pichai की Google में Entry और CEO बनने तक का सफर:

Sundar Pichai ने वर्ष 2004 में Google को जॉइन किया। शुरुआत में उन्होंने Google Toolbar पर काम किया। इसके बाद उन्हें Google Chrome Project का नेतृत्व सौंपा गया, जो आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउज़र है। Chrome की जबरदस्त सफलता ने Google के भीतर उनकी नेतृत्व क्षमता पूरी तरह साबित हो गई।
Chrome, Android और Google Apps जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों में लगातार सफलता के बाद वर्ष 2015 में Sundar Pichai को Google का CEO नियुक्त किया गया। आगे चलकर 2019 में वे Alphabet के भी CEO बने। उनका नेतृत्व करने का तरीका शांत स्वभाव वाला, आँकड़ों पर आधारित और पूरी टीम को साथ लेकर चलने वाला माना जाता है।
Sundar Pichai की Salary (वेतन):
Sundar Pichai को Google और Alphabet के CEO के रूप में मूल वेतन के साथ-साथ शेयर पुरस्कार और performance incentives भी मिलते हैं। उनका वार्षिक मूल वेतन लगभग 20 लाख डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) माना जाता है। कई बार कुल कमाई एक करोड़ डॉलर से भी अधिक हो जाती है —जिसमें शेयर और बोनस भी शामिल होते हैं। Alphabet की 2025 की Proxy Statement के अनुसार, साल 2024 में Google और Alphabet के CEO सुंदर पिचई की कुल कमाई लगभग 10.73 मिलियन डॉलर (करीब ₹90 करोड़) रही।

यह आंकड़ा 2023 की उनकी आय 8.8 मिलियन डॉलर (लगभग ₹74 करोड़) से अधिक है, हालांकि, यह राशि 2022 के मुकाबले काफी कम है। साल 2022 में सुंदर पिचई को करीब 226 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,900 करोड़) की भारी-भरकम कमाई हुई थी, जिसका मुख्य कारण एक बड़ा performance-based stock award था। । यह राशि हर साल कंपनी के प्रदर्शन और उन्हें दिए जाने वाले शेयरों पर निर्भर करती है। कई बार बड़े शेयर पुरस्कार मिलने के कारण उनकी कमाई असाधारण रूप से बढ़ जाती है, इसलिए उनकी salary fixed नहीं बल्कि समय-समय पर बदलती रहती है।
Sundar Pichai के जीवन से सीख (Life Lessons):
Sundar Pichai की life हमें सिखाती है कि humble रहना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है। मज़बूत बुनियादी समझ (fundamentals) जैसे maths, science और clear thinking—लंबे समय तक सफलता दिलाती है। उनकी leadership style यह दिखाती है कि अच्छा leader शोर नहीं मचाता, बल्कि धैर्य, सही फैसलों और team पर भरोसे से प्रभावी परिणाम लाता है।
निष्कर्ष:
Sundar Pichai की कहानी हमें यह भरोसा दिलाती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, लगन, सही शिक्षा और निरंतर मेहनत इंसान को शिखर तक पहुँचा सकती है। उन्होंने यह साबित किया कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच, धैर्य और आत्मविश्वास की ज़रूरत होती है। मदुरै से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी का नेतृत्व करना कोई संयोग नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और सही फैसलों का परिणाम है।
अगर आप भी छात्र हैं या अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, तो Sundar Pichai की यात्रा से यह सीख लें—बुनियादी ज्ञान को मजबूत करें, सीखने की आदत बनाए रखें और खुद पर भरोसा रखें। सफलता रातों-रात नहीं मिलती, लेकिन जो लगातार आगे बढ़ते रहते हैं, वही एक दिन दूसरों के लिए मिसाल बनते हैं। आज एक छोटा कदम उठाइए, क्योंकि वही कदम कल आपकी पहचान बना सकता है।